पंजाब में मारे गए ड्रग्स विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा के परिवार ने मानसा में सरकार के प्रतिनिधियों के साथ मीटिंग के बाद उनके पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार के लिए सहमति दे दी है, जिससे 22 दिन से चल रहा आंदोलन खत्म हो गया है।
झोटा के परिवार संयुक्त कार्रवाई समिति और सरकार के प्रतिनिधियों – विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुदियां के बीच पांच घंटे की बैठक के बाद बुधवार शाम को सफलता मिली. समझौते के अनुसार राज्य सरकार प्रदर्शनकारियों लाखा सिधाना और अन्य के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने के बाद उनकी रिहाई पर सहमत हो गई है. सरकार ने झोटा के परिवार को 2 करोड़ रुपये का मुआवजा और उनकी पत्नी को नौकरी देने का भी आश्वासन दिया है.
समझौते के बाद एक्शन कमेटी जो झोटा की हत्या पर आंदोलन का नेतृत्व कर रही थी, 5 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास के अपने प्रस्तावित घेराव को स्थगित करने पर सहमत हुई. सरकार भम्मे कलां के दलजीत सिंह, जिनकी 27 अक्टूबर को मृत्यु हो गई, के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने पर भी सहमत हुई.
13 अक्टूबर को मानसा के एक बिजी मार्केट में एक मेडिकल स्टोर के अंदर दिनदहाड़े झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. तब से उसकी बॉडी मानसा के सिविल हॉस्पिटल की मॉर्चरी में पड़ी है. झोटा का पोस्टमॉर्टम चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में होने की उम्मीद है. स्टोर के मालिक अश्विनी कुमार ने कथित तौर पर झोटा पर गोली चलाई थी, जब उसने उससे एक बुज़ुर्ग आदमी को नशीली दवाएँ बेचने के बारे में पूछा था. कुमार को राजस्थान के सालासर से कस्टडी में लिया गया था.
यह घटना तब हुई जब झोटा एक फेसबुक लाइव सेशन होस्ट कर रहा था, जिससे पंजाब में पॉलिटिकल बहस शुरू हो गई, जहाँ अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं. यूनियन होम मिनिस्टर अमित शाह, कांग्रेस लीडर सचिन पायलट, पंजाब कांग्रेस चीफ परगट सिंह, एसएडी चीफ सुखबीर सिंह बादल और पंजाब बीजेपी चीफ केवल सिंह ढिल्लों समेत कई नेताओं ने झोटा के परिवार से मुलाकात की थी.
झोटा की हत्या के बाद बनी अलग-अलग ऑर्गनाइज़ेशन और सोशल एक्टिविस्ट वाली जॉइंट एक्शन कमेटी, मुख्यमंत्री भगवंत मान और डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस गौरव यादव के इस्तीफ़े की मांग कर रही थी. एक्शन कमेटी के मेंबर हरदीप सिंह सिद्धू ने कहा कि मीटिंग के दौरान जेलों में बंद लक्खा सिधाना और दूसरे नेताओं को रिहा करने का मुद्दा बहस का मुख्य मुद्दा बना रहा, और कई घंटों तक इस पर बातचीत होती रही.
एग्रीकल्चर मिनिस्टर खुदियां मंगलवार शाम को झोटा के परिवार से मिलने गए. वह पहले आप (AAP) लीडर थे जो परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं ज़ाहिर करने आए थे. पंजाब सरकार ने पहले परिवार की मांग के बाद झोटा की मौत की जांच CBI को सौंप दी थी. सरकार ने इस मामले में एक एसएचओ, एक डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस और एक ड्रग इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है. इससे पहले सरकार ने परिवार की दूसरी मांगें मान ली थी.



